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फेसबुक एकाउंट नहीं है! यह सवाल पूछते हुए सामने वाले के मन में ऐसे भाव आ सकते हैं कि आपने सोशल मीडिया जाने कौन सा खजाना मिस कर दिया है. जैसे-जैसे सोशल मीडिया का दायरा बढ़ता गया, वैसे-वैसे आपकी निजता भी कम होती गई. ताजा मामला फेसबुक का है. लाखों यूजर्स की जानकारी सरेआम होने से फेसबुक को आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा है.

कब शुरू हुआ ये ड्रामा?

यह पूरी कहानी शुक्रवार को तब शुरू हुई जब डेटा एनालिसिस फर्म कैंब्रिज एनालिटिका ने यह स्वीकार किया कि उसने 5 करोड़ यूजर्स की अनुमति के बगैर उनके डाटा का इस्तेमाल किया है. कैंब्रिज एनालिटिका 500 अरब डॉलर की कंपनी है. कैंब्रिज एनालिटिका ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कैंपेन में भी हिस्सा लिया था.

यह खबर आने के बाद फेसबुक ने अपने प्लेटफॉर्म से कैंब्रिज एनालिटिका को हटा दिया है. इसके बावजूद फेसबुक के शेयरों में गिरावट आई. सोमवार को फेसबुक के शेयर 7 फीसदी और मंगलवार को 2.5 फीसदी इसके शेयर लुढ़के. अमेरिका और ब्रिटेन में फेसबुक सवालों के कटघरे में है.

दूसरी तरफ फेसबुक और कैंब्रिज एनालिटिका विवाद की आंच भारत तक पहुंच गई  है. बुधवार को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके फेसबुक को चेताया. साथ ही कांग्रेस को भी इस मामले में लपेट लिया. कानून मंत्री का आरोप है कि कैंब्रिज एनालिटिका कांग्रेस की सोशल मीडिया के लिए काम करती है. प्रसाद ने यह भी सवाल पूछा कि राहुल गांधी की सोशल मीडिया प्रोफाइल में कैंब्रिज एनालिटिका का क्या हाथ है?

दूसरी तरफ कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला का कहना है कि बीजेपी के फेकन्यूज फैक्टरी से आज एक और झूठी खबर आ गई है. फर्जी बयान, फर्जी प्रेस कॉन्फ्रेंस और फर्जी एजेंडा बीजेपी और इनके ‘लॉ लेस’ मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद के लिए हर दिन की बात हो गई है. सुरजेवाला ने कहा कि बीजेपी, जेडीयू इस कंपनी की सर्विस लेती रही है. यह कंपनी ओबीआई की पार्टनर है जो बीजेपी की सहयोगी पार्टी से जुड़े नेता के बेटे की है.

क्या कहना है कंपनी का?

बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू होने के बाद ओवलीनो बिजनेस इंटेलीजेंस (ओबीआई) की वेबसाइट बंद कर दी गई. यह वेबसाइट कैंब्रिज एनालिटिका की पार्टनर कंपनी है. ओबीआई, एससीएल (स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशंस लैबोरेट्रीज) इंडिया के जेवी का हिस्सा है. एससीएल की पेरेंट कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका है. ओवीआई की साइट बंद होने से पहले यह स्क्रीन शॉट लिया गया है. जिसमें इसके बड़े क्लाइंट की लिस्ट साफ दिख रही है.

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